
लखनऊ। दीपावली के बाद बुधवार को राजधानी लखनऊ में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में आरती, भजन-संकीर्तन और प्रसाद वितरण के बीच भक्ति और आनंद का दिव्य माहौल दिखाई दिया।
खाटू श्याम मंदिर में अन्नकूट महोत्सव में हजारों श्रद्धालु पहुंचे
आलमबाग स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में बुधवार सुबह 11 बजे से अन्नकूट महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं ने भोग-प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भक्तों को प्रसाद वितरण कर सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया।
मंदिर के महामंत्री रूपेश अग्रवाल ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए पांच ब्लॉक बनाए गए थे, जिनमें दो में बैठकर और दो में खड़े होकर प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था थी। सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस आयोजन में लगभग 28 हजार श्रद्धालुओं ने भोग-प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर राधे मोहन अग्रवाल, राजन गर्ग, मुकुट बिहारी अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता सहित शहर के अनेक प्रमुख श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्री माधव मंदिर में 56 प्रकार की सब्जियों का महाभोग
डालीगंज स्थित श्री माधव मंदिर में भी अन्नकूट महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कमेटी के वरिष्ठ महामंत्री गोविंद साहू ने बताया कि परंपरानुसार 56 प्रकार की मौसमी सब्जियां, पूड़ी, कढ़ी चावल, हलुआ और खीर का महाभोग भगवान को अर्पित किया गया।
मंदिर के पुजारी लालता प्रसाद ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच महाआरती की। महिलाओं — माया आनंद, कंचन साहू, अनिता साहू, अनुपमा और कविता साहू — ने भक्तिमय भजन प्रस्तुत कर वातावरण को श्रद्धा से भर दिया।
भुईयन देवी मंदिर में सुबह से उमड़ी भीड़
डालीगंज स्टेशन रोड स्थित भुईयन देवी मंदिर में भी अन्नकूट महोत्सव का आयोजन हुआ। व्यवस्थापक घनश्याम अग्रवाल ने बताया कि सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर में विशेष सजावट की गई थी और जयकारों के बीच माता रानी से सुख-समृद्धि की कामना की गई।
काली बाड़ी मंदिर में मां काली को छप्पन भोग अर्पित
कैसरबाग स्थित काली बाड़ी मंदिर में बंगाली समाज की परंपरा के अनुरूप मां काली को छप्पन भोग का प्रसाद अर्पित किया गया। इसमें रसगुल्ला, लड्डू, खीर, मालपुआ, दाल-बाफला, कटहल की सब्जी और अन्य बंगाली व्यंजन शामिल रहे।
मंदिर के पुजारी पंडित प्रदीप चक्रवर्ती ने बताया कि अन्नकूट पर्व समृद्धि और कृतज्ञता का प्रतीक है। पूजा-अर्चना के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। शाम को आरती और भजन संध्या में भक्त मां के भजनों पर झूमते नजर आए।








