नई दिल्ली। आर्मी चीफ जनरल द्विवेदी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि “सफलता की नींव विद्यार्थी जीवन में ही रखी जाती है।” उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा और पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि भारत धर्म युद्ध के अनुयायी हैं।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि स्कूल के दिनों में सीखी निर्णय क्षमता उन्हें सेना में कई सफलताएं दिलाने में मददगार रही। चौथी कक्षा में निर्णय लेने की क्षमता ने ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक सफलता दिलाई।
उन्होंने छात्रों को सफलता का मंत्र Three-A (Attitude, Adaptibility, Ability) बताया। उनके अनुसार:
- Attitude – सकारात्मक दृष्टिकोण और पॉजिटिविटी लाता है।
- Adaptibility – समय के साथ बदलाव लाना सिखाता है।
- Ability – हर क्षेत्र में सफलता दिलाने की शक्ति देती है।
जनरल द्विवेदी ने कहा, “कठिन परिश्रम करने वाला ही भविष्य में देश का निर्माण करता है। आप वर्दी में हों या सिविल ड्रेस में, राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दें। यह देश हमारा है। जब हम सब मिलकर काम करेंगे, तभी 2047 का विकसित भारत बनेगा।”








