बीएचयू में बढ़ते हमलों से नाराज़ रेज़िडेंट डॉक्टर

वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल और आयुर्विज्ञान संस्थान (IMS) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेज़िडेंट डॉक्टरों ने बड़ा कदम उठाया है। रेज़िडेंट डॉक्टर्स वेलफेयर सोसाइटी, आईएमएस-बीएचयू की ओर से कुलपति को पत्र लिखकर डॉक्टरों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल परिसर असुरक्षित होता जा रहा — डॉक्टर

डॉक्टरों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण अस्पताल परिसर अब डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए असुरक्षित बन गया है। पिछले कुछ महीनों में डॉक्टरों से मारपीट, अभद्रता और महिला डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।

सितंबर 2024 की घटना के बाद भी नहीं हुआ सुधार

रेज़िडेंट डॉक्टरों ने पत्र में लिखा कि सितंबर 2024 में महिला रेज़िडेंट डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि आश्वासन के बावजूद न तो सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई गई, न ही बायोमेट्रिक प्रवेश प्रणाली लागू की गई।

रेज़िडेंट डॉक्टर्स वेलफेयर सोसाइटी की 8 प्रमुख मांगें

  1. अस्पताल परिसर में 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
  2. ड्यूटी रूम्स में सुरक्षित प्रवेश नियंत्रण प्रणाली लगाई जाए।
  3. सभी प्रवेश द्वारों पर बायोमेट्रिक गेट सिस्टम लागू किया जाए।
  4. महिला डॉक्टरों के लिए विशेष सुरक्षा कर्मी तैनात हों।
  5. अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे और निगरानी सिस्टम मजबूत किए जाएं।
  6. किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल FIR और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  7. सुरक्षा गार्डों के लिए नियमित निगरानी और ट्रेनिंग व्यवस्था की जाए।
  8. अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए।

डॉक्टरों की चेतावनी — सेवाएँ रोकने पर होंगे विवश

रेज़िडेंट डॉक्टर डॉ. गौरव ने कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो डॉक्टर अपनी सेवाएँ, जिसमें इमरजेंसी सेवाएँ भी शामिल हैं, बंद करने पर विवश होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की होगी।

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