
लखनऊ, संवाददाता। मेरठ से बिहार जा रहे 115 मजदूर शनिवार को लखनऊ के सरोजनी नगर में फंस गए। आगरा एक्सप्रेसवे पर क्षमता से अधिक सवारियां ले जा रही एक निजी बस को परिवहन विभाग ने सीज कर दिया। हालांकि, यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
हापुड़ स्थित अमन ट्रैवल्स की यह बस मेरठ से किशनगंज (बिहार) जा रही थी। बस में पुरुष, महिलाएं और बच्चे सहित कुल 115 यात्री सवार थे। विभाग की टीम ने ओवरलोडिंग के कारण बस को नादरगंज स्थित अमौसी रोडवेज वर्कशॉप में खड़ा कर दिया। बस का चालक संजय मौके से फरार हो गया और उसका मोबाइल फोन बंद है।
यात्रियों ने बताया कि उन्होंने प्रति सवारी 1200 रुपए और सामान के लिए 300 रुपए अतिरिक्त किराया दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बीच रास्ते में उतार दिया गया। ये मजदूर मेरठ में काम करते हैं और 11 नवंबर को होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान करने अपने घर लौट रहे थे। बस सीज होने के बाद से वे सुबह से भूखे-प्यासे भटक रहे हैं।
परेशान मजदूरों ने पहले नादरगंज पुलिस चौकी और आरटीओ कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। अंततः वे बदालीखेड़ा पुलिस बूथ पहुंचे, जहां उपनिरीक्षक अजय कुमार ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
यात्रियों का कहना है कि चालक की गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बस को सीज किया गया, तो परिवहन विभाग ने सवारियों की सुरक्षित यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की।








