लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर से चल रहे कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने पर्दाफाश किया। छापेमारी में दो फार्मा कंपनियों — आर्पिक फार्मास्युटिकल्स प्रा. लि. और इधिका लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड — को नशे की दवाओं की अवैध सप्लाई चेन में शामिल पाया गया।
दैनिक भास्कर ने 18 दिन पहले ही रिपोर्ट दी थी कि 24 कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच में खुलासा: सिस्टर कंपनियां और फर्जी बिल
जांच में सामने आया कि दोनों कंपनियां एक ही परिवार के स्वामित्व में हैं और फर्जी बिल तथा निरस्त लाइसेंस के जरिए कोडीन सिरप की अवैध बिक्री कर रही थीं। FSDA ने इनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
संगठित नेटवर्क और अवैध वितरण
- आर्पिक फार्मास्युटिकल्स प्रा. लि. अपने स्टॉक की आपूर्ति इधिका लाइफसाइंसेज को करती थी।
- फर्जी बिलिंग के जरिए दवाओं को नशे के रूप में बेचने का नेटवर्क संचालित किया गया।
- लखीमपुर खीरी, कौशांबी, उन्नाव, और प्रतापगढ़ की मेडिकल स्टोर्स का उपयोग अवैध बिलिंग में किया गया।
जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
औषधि विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि फर्मों ने निर्माण और वितरण के नियमों का उल्लंघन किया, क्वालिटी कंट्रोल को नजरअंदाज किया और कोडीन युक्त औषधियों को गैर-चिकित्सीय उपयोग में बढ़ावा दिया।
FSDA ने इसे युवाओं में नशे की लत फैलाने और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया।








