लखनऊ में जनजाति भागीदारी उत्सव की शुरुआत

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ धूमधाम से हुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पारंपरिक अंदाज़ में ढोल बजाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उनके साथ मौजूद जनजातीय समुदाय के लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। यह विशेष उत्सव 18 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रवेश निशुल्क रखा गया है।

बिरसा मुंडा के योगदान को किया याद

उद्घाटन समारोह में सीएम योगी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। योगी ने कहा, “उनकी जयंती मनाना हमारे लिए गौरव की बात है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश सरकार जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सतत प्रयास कर रही है।”

जनजातीय समुदाय के लिए सरकार की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने बिजनौर के 815 जनजातीय परिवारों के लिए 145 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा उनके लिए शुद्ध पेयजल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केंद्र, मोबाइल टावर, मल्टीपरपज केंद्र और वन धन केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।

रंगारंग कार्यक्रमों से गूंजा प्रतिष्ठान

उद्घाटन के बाद जनजातीय समुदाय के लोगों ने सांस्कृतिक नृत्य और पारंपरिक संगीत प्रस्तुत किया। थारू समुदाय के पुरुषों ने भगवान बिरसा मुंडा जैसी पगड़ी पहनकर मृदंग बजाया, तो महिलाएं लोक नृत्य में थिरक उठीं। एक कलाकार ने 5 फीट ऊंचे डंडों पर खड़े होकर अनोखा नृत्य प्रदर्शन किया, जिसे देख दर्शक झूम उठे।

उत्सव में 100 से अधिक स्टॉल लगे

IGP परिसर में आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन में 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। यहां आदिवासी समुदायों की कला, संगीत, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक आभूषण, लोक पेंटिंग और व्यंजन प्रदर्शित किए जा रहे हैं। उत्सव का उद्देश्य आदिवासी समाज की जीवनशैली और सांस्कृतिक धरोहर को मुख्यधारा से जोड़ना है।

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