ईंट भट्ठा उद्योग में मासिक सर्वेक्षण आदेश पर भारी विरोध
ईंट निर्माता समिति ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा
उद्योग ने आदेश को ‘नियम विरुद्ध’ बताते हुए तुरंत निरस्तीकरण की मांग की
अम्बेडकरनगर। जनपद के ईंट भट्ठा उद्योग में मासिक सर्वेक्षण को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। ईंट निर्माता समिति ने उत्तर प्रदेश राज्य कर आयुक्त द्वारा जारी मासिक सर्वेक्षण आदेश को ‘नियम विरुद्ध’ बताते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। साथ ही समिति ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस आदेश को समाप्त करने की मांग की है।
कानूनी अधिकारों का दावा
जनपद ईंट निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष राम वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य कर आयुक्त का आदेश उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 71 के दायरे का गलत उपयोग है। उनका आरोप है कि आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं है और इसे तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए।
ग्रामीण उद्योग की कठिनाइयां
राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि ईंट भट्ठा उद्योग मुख्य रूप से कुटीर और ग्रामीण स्वरूप का है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं। भट्ठों पर कार्यरत मुनीम अधिक शिक्षित नहीं होते और केवल सामान्य हिसाब-किताब ही रख सकते हैं। मासिक सर्वेक्षण में अपेक्षित कागजी रिकॉर्ड उपलब्ध कराना लगभग असंभव है, क्योंकि भट्ठों पर स्थायी रूप से योग्य कर्मचारी मौजूद नहीं रहते। ऐसे में सर्वेक्षण अधिकारियों के लिए यह ‘उगाही का साधन’ बन सकता है।








