
संतकबीर नगर। उत्तर प्रदेश सरकार ने ब्रिटिश नागरिकता वाले मौलाना शमसुल हुदा खान को वेतन और VRS का लाभ देने के आरोप में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि अधिकारियों ने मौलाना को भारत में रहते हुए भी वेतन, अवकाश और पेंशन का लाभ दिलाया।
ATS की जांच में पता चला है कि मौलाना शमसुल हुदा खान पाकिस्तान कनेक्शन के साथ विदेशी फंडिंग से मदरसा चला रहा था और कट्टरपंथी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। मौलाना ने 2007 से मदरसा में सहायक अध्यापक के रूप में कार्य किया और 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता प्राप्त की। इसके बावजूद उसने 2017 तक भारत से वेतन और VRS लाभ लिया।
सस्पेंड किए गए अधिकारी हैं:
- एसएन पांडेय (संयुक्त निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग)
- साहित्य निकष सिंह (गाजियाबाद)
- लालमन (बरेली)
- प्रभात कुमार (अमेठी)
यूपी सरकार ने मामले की गंभीरता देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। ATS के अनुसार मौलाना ने पाकिस्तान में कट्टरपंथी नेटवर्क से संपर्क बनाए रखा और भारत में ‘दावते इस्लाम’ नामक प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल रहा।








