
अंबेडकरनगर। जिला चिकित्सालय में मरीजों और तीमारदारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कायाकल्प योजना तैयार की गई है। निर्माण इकाई ने लगभग आठ करोड़ रुपये का अनुमानित बजट शासन को भेजा था, जिसे स्वास्थ्य निदेशालय ने स्वीकृत कर दिया है। अब बजट जारी होने का इंतजार है।
वार्ड, सड़कों और शौचालय का जीर्णोद्धार
कायाकल्प योजना के तहत अस्पताल के सभी वार्डों, नालियों और सड़कों की मरम्मत की जाएगी। अस्पताल परिसर में संचालित मातृ-शिशु कल्याण इकाई (MCH विंग) के जर्जर वार्डों की दीवारों, फर्श, छत और सीढ़ियों की मरम्मत की जाएगी। साथ ही शौचालयों को भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। अस्पताल के भीतर और बाहर की क्षतिग्रस्त सड़कों को सुधार कर जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नालियों में पानी जमा होने से संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इसे प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रदेश स्तरीय निरीक्षण के बाद तैयार प्रस्ताव
कायाकल्प योजना प्रदेश स्तरीय टीम द्वारा अस्पताल के निरीक्षण के बाद बनाई गई है। टीम ने मई में दो बार अस्पताल का निरीक्षण किया और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर निर्माण इकाई ने विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा। प्रबंधक डॉ. हर्षित गुप्त ने बताया कि प्रस्ताव में हर वार्ड और विभाग के लिए आवश्यक मरम्मत और निर्माण का विस्तृत विवरण शामिल है।
अस्पताल में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन
अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता और मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। वर्तमान में ‘माई भारत’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से 15 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में रोगियों से संवाद, व्यवहार, इंजेक्शन लगाना, पट्टियाँ करना और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल तकनीक सिखाई जा रही हैं।








