सड़क दुर्घटना में पीड़ित की सहायता करना सबसे बड़ा मानवीय धर्म

हजपुरा, अम्बेडकरनगर। बाबा बरुआदास पीजी कॉलेज परुइय्या आश्रम में परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार रोड सेफ्टी क्लब के तत्वावधान में फर्स्ट रिस्पोंडर ट्रेनिंग, डिफेंसिव ट्रेनिंग, प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर विषयक एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। सड़क सुरक्षा जागरूकता को केंद्र में रखकर आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने दुर्घटना के समय त्वरित सहायता की आवश्यकता और उसके तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी।

ट्रैफिक नियमों का पालन और सहायता—मानवीय संवेदना का परिचय

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी व सीएचसी प्रभारी जलालपुर ने कहा कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का मानवीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन दुर्घटनाओं को रोकने का मूल आधार है, वहीं दुर्घटना होने पर साहस और संवेदना के साथ घायल को तुरंत मदद मिलना उसके जीवन की रक्षा में निर्णायक साबित हो सकता है।

जागरूकता से कम हो सकती हैं दुर्घटनाएं

विशिष्ट अतिथि डॉ. सौरभ सिंह, प्रबंधक मेयो अस्पताल जलालपुर ने कहा कि सड़क सुरक्षा की जानकारी और सतर्कता दुर्घटनाओं की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर सकती है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देना, एंबुलेंस बुलाना और त्वरित प्रतिक्रिया देना प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक ज्ञान है। उन्होंने जागरूकता को मानवता की सच्ची सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

प्राथमिक चिकित्सा के महत्व पर विस्तार से प्रशिक्षण

फार्मासिस्ट मनोज कुमार यादव ने प्राथमिक चिकित्सा से जुड़े सभी मूलभूत बिंदुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि शुरुआती कुछ मिनटों में दिया गया सही उपचार कई बार घायल की स्थिति को गंभीर होने से बचा सकता है। कार्यशाला में दुर्घटना के दौरान आवश्यक सावधानियों, रक्तस्राव रोकने के उपाय, और घायल को सुरक्षित स्थिति में लाने जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

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