
अंबेडकरनगर। महरुआ क्षेत्र में वर्ष 2010 में हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुभाष सिंह हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कटेहरी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय सिपाही सहित सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया गया। शुक्रवार देर शाम आए इस फैसले के बाद आरोपियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।
2010 की शाम जब गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा था क्षेत्र
बसाइतपुर निवासी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुभाष सिंह वर्ष 2000 से 2005 तक भीटी ब्लॉक के प्रमुख रहे थे। उनका ईंट भट्ठा महरुआ बाजार से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर अकबरपुर मार्ग स्थित सरहरी मोड़ के पास था।
10 अगस्त 2010 की शाम लगभग सात बजे वे भट्ठे से बाइक द्वारा अपने आवास की ओर लौट रहे थे। भट्ठे से करीब 100 मीटर पहले ही बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
लगभग सात गोलियां लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सुल्तानपुर ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज, विवेचना में सामने आए नाम
घटना के बाद सुभाष सिंह के भाई सुरेश सिंह की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस विवेचना के दौरान कई नाम सामने आए, जिनमें अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, विजय प्रताप सिंह, डिंपी सिंह, रज्जू उर्फ रविंद्र प्रताप, पवन सिंह, रामआशीष, रणविजय सिंह तथा राजेंद्र सिंह शामिल थे।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आठों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया।








