जलालपुर (अम्बेडकरनगर)। उच्च प्राथमिक विद्यालय चौहान की बस्ती, भियांव में शनिवार को मीना मंच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुगमकर्ता राजकरन प्रजापति के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाना रहा।
राज्य परियोजना कार्यालय “समग्र शिक्षा” द्वारा प्रस्तावित कैलेंडर के अनुसार इस सप्ताह की गतिविधि “10..9..8.. हर बच्चे को रहे याद – हेल्पलाइन नंबर्स – प्रगति के पंख” पर आधारित रही। इसी क्रम में बच्चों को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया गया और उन्हें आपात परिस्थितियों में इन नंबरों के महत्व से अवगत कराया गया।
हेल्पलाइन नंबरों पर विस्तृत जानकारी, बच्चों ने सीखे सुरक्षा उपाय
सहायक अध्यापक अरशद कमाल ने विद्यार्थियों को 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) सहित कई आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग और उनके उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बच्चों को समझाया कि संकट की स्थिति में सही नंबर पर त्वरित संपर्क करना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। इस दौरान छात्रों ने भी सवाल पूछकर और उदाहरणों के माध्यम से विषय को और बेहतर समझने का प्रयास किया।
नुक्कड़ नाटक और रैली के माध्यम से जागरूकता की पहल
कार्यक्रम के अगले चरण में मीना मंच की बालिकाओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। समाज में घटित होने वाली घटनाओं पर आधारित इस प्रस्तुति ने ग्रामीणों को सुरक्षा, सतर्कता और हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता के प्रति जागरूक किया।
इसके बाद निकाली गई जन-जागरूकता रैली ने गांव में माहौल को और संदेशमय बनाया। छात्र-छात्राओं ने पोस्टर और नारों के माध्यम से समुदाय को सुरक्षा और सहायता सेवाओं की जानकारी दी।








