
- 18 अक्टूबर को पेट्रोल पंप पर झगड़े के बाद अंडरग्राउंड हुए थे
- परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला दर्ज कराया, पुलिस को फटकार
- लगातार पुलिस दबिश के बाद खोज खत्म, नेता सुरक्षित बरामद
हमीरपुर। जिले के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष और सांसद का चुनाव लड़ चुके प्रीतम सिंह 55 दिन के बाद लखनऊ से बरामद कर लिए गए हैं। वे लखनऊ के दुबग्गा इलाके में एक घर में छिपे हुए थे। पुलिस ने शुक्रवार देर रात इनपुट के आधार पर वहां पहुंचकर प्रीतम सिंह को सुरक्षित बरामद किया।
जानकारी के अनुसार, प्रीतम सिंह 18 अक्टूबर को अपने पेट्रोल पंप पर हुए झगड़े के बाद अंडरग्राउंड हो गए थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका। परिवार ने इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने 8 दिसंबर को एसपी को पेश होने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने लगातार लखनऊ और संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
हमीरपुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर राठ कस्बा प्रीतम सिंह का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। लोधी बिरादरी में वे बुंदेलखंड के बड़े नेता माने जाते हैं। प्रीतम सिंह ने 2007 में राठ विधानसभा से पहली बार चुनाव लड़ा और 2009 में लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। वे 2014 में कांग्रेस में गए और 2022 में फिर भाजपा में लौट आए।
पुलिस के अनुसार, लगातार खोजबीन और इनपुट्स के बाद प्रीतम सिंह को सुरक्षित बरामद किया गया है। अब उनकी सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है।








