- लंबे समय से वेतन बकाया होने की शिकायत
- 45वें/46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार अधिकारों की मांग
- सीएमओ ने ज्ञापन लेकर शासन को भेजा
कानपुर। सोमवार को सैकड़ों आशा वर्कर्स अपनी लंबित मांगों को लेकर CMO ऑफिस में धरने पर बैठ गईं। धरना स्थल पर उन्होंने जमकर नारेबाजी की और अपने अधिकारों के लिए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
आशा वर्कर्स ने कहा कि उनका वेतन बहुत कम है और कई महीनों से उन्हें भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि उनका वेतन बढ़ाकर 15–20 हजार रुपए किया जाए और उन्हें स्थायी किया जाए। इसके अलावा, वे 45वें/46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुरूप राज्य स्वास्थ्य कर्मी का दर्जा, मातृत्व अवकाश, ईएसआई, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, पेंशन, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा की गारंटी, और काम के घंटे तय करने की मांग भी कर रही हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान आशा वर्कर्स ने पैदल मार्च निकालकर सीएमओ ऑफिस कैंपस कांशीराम हॉस्पिटल तक मार्च किया। उनकी मांगों के ज्ञापन को CMO हरिदत्त नेमी ने लिया और शासन को भेज दिया। उन्होंने आशा वर्कर्स को भरोसा दिलाया कि मांगों पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।








