अंबेडकरनगर के टांडा एनटीपीसी में सैकड़ों श्रमिकों को अचानक नौकरी से निकाल दिए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। प्रभावित श्रमिकों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और तत्काल काम पर वापस रखने की मांग की।
पुराने श्रमिकों को हटाए जाने का आरोप
ज्ञापन में श्रमिकों ने बताया कि स्टेज 1 और 2 में कार्यरत लगभग 10 से 25 वर्षों से सेवामान श्रमिकों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिया गया है। उनका आरोप है कि उनकी जगह नई भर्ती की जा रही है, जबकि पुराने अनुभव और योगदान को नजरअंदाज किया जा रहा है।
श्रमिकों का कहना है कि यह निर्णय उनकी आर्थिक सुरक्षा और पेशेवर स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि इस मामले की जांच कर उन्हें पुनः काम पर लौटाया जाए।
आर्थिक सुविधाओं से भी वंचित
नौकरी से हटाए गए श्रमिकों ने यह भी कहा कि उन्हें ईएसआई (ESI), पीईएफ (PEF) और अन्य आर्थिक सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इसके कारण उनके परिवारों और रोजमर्रा की जिंदगी पर नकारात्मक असर पड़ा है।
कई श्रमिकों ने यह आरोप भी लगाया कि उनकी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंच रही हैं और उन्हें कोई समाधान नहीं मिल रहा है।








