
अम्बेडकरनगर जिले में घाघरा नदी पर बना बहुचर्चित टाण्डा–कलवारी पुल एक बार फिर अचानक बंद कर दिया गया है। मंगलवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के पुल के दोनों सिरों पर मलबा और मिट्टी डालकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे राहगीरों में हड़कंप मच गया। कई जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।
12 सितंबर से चल रहा है मरम्मत कार्य
टाण्डा–कलवारी पुल पर 12 सितंबर से मरम्मत कार्य शुरू किया गया था। विभागीय योजना के अनुसार इस कार्य को तीन माह में पूरा किया जाना था। हालांकि, निर्माण कार्य की रफ्तार शुरू से ही धीमी रही। इसके बावजूद 13 दिसंबर को पुल पर आवागमन बहाल कर दिया गया था, हालांकि उस समय भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।
चार दिन तक सुचारू रहा यातायात
13 दिसंबर के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती चली गई। कुछ ही दिनों में बिना किसी रोक-टोक के चार पहिया वाहन भी पुल से गुजरने लगे। इससे अम्बेडकरनगर, सुलतानपुर, अयोध्या, आजमगढ़, बलरामपुर सहित दर्जनों जनपदों के लोगों को बड़ी राहत मिली। व्यापार, आवागमन और रोजमर्रा की आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
17 दिसंबर की सुबह अचानक बंद किया गया मार्ग
सभी को उस समय हैरानी हुई जब 17 दिसंबर की सुबह पुल के दोनों ओर मिट्टी और मलबा डालकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। न तो किसी प्रकार की पूर्व सूचना जारी की गई और न ही कोई सार्वजनिक चेतावनी बोर्ड लगाया गया। इससे सुबह के समय बड़ी संख्या में वाहन पुल के पास पहुंचकर फंस गए।









