अम्बेडकरनगर। बदलती जीवनशैली और बढ़ती डिजिटल निर्भरता आंखों की सेहत पर भारी पड़ती जा रही है। मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी का लंबे समय तक उपयोग, प्रदूषण और धूल-मिट्टी के संपर्क में रहना आंखों से जुड़ी समस्याओं को तेजी से बढ़ा रहा है। समय पर सावधानी और जांच न होने पर यह स्थिति गंभीर नेत्र रोगों और अंधत्व तक का कारण बन सकती है। यह चेतावनी सोमवार को मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष अमित पटेल ने दी।
स्क्रीन टाइम से बढ़ रहीं आंखों की शिकायतें
नेत्र विशेषज्ञ ने बताया कि लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सूखापन, धुंधलापन, सिरदर्द और आंखों की थकान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। खासतौर पर युवा वर्ग और बच्चे इसकी चपेट में अधिक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग आंखों की प्राकृतिक नमी को प्रभावित करता है, जिससे लंबे समय में दृष्टि कमजोर होने की आशंका बढ़ जाती है।
20-20-20 नियम अपनाने की सलाह
आंखों को स्क्रीन के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए विशेषज्ञ ने 20-20-20 नियम अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हर 20 मिनट के स्क्रीन उपयोग के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना चाहिए। इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और थकान कम होती है। यह आदत आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में सहायक मानी जाती है।
धूप, धूल और संक्रमण से बचाव जरूरी
नेत्र रोग विशेषज्ञ ने कहा कि बाहर निकलते समय धूप से बचाव के लिए सनग्लास का उपयोग किया जाए। धूल-मिट्टी और प्रदूषित वातावरण आंखों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं, इसलिए आंखों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। आंखों में खुजली, लालिमा या पानी आने की स्थिति को हल्के में न लें।








