
तिरुपति। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत आंध्र प्रदेश के तिरुपति दौरे पर हैं। शुक्रवार को भारतीय विज्ञान सम्मेलन (BVS) के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत का आगे बढ़ना तय है, लेकिन हमें केवल सुपरपावर नहीं, बल्कि विश्वगुरु भी बनना चाहिए।
धर्म और विज्ञान में संतुलन
भागवत ने कहा कि धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं है। उनका मानना है कि दोनों के रास्ते अलग हैं, लेकिन मंजिल एक है। उन्होंने बताया कि हमारे विकास की सोच का आधार धर्म है। धर्म केवल मजहब नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड के नियमों का पालन करना है।
तिरुपति मंदिर में दर्शन और स्वागत
इससे पहले मोहन भागवत ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन किए। तिरुपति टाउनशिप के अधिकारियों और पुजारियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें रेशमी कपड़े पहनाकर सम्मानित किया।
प्राकृतिक आपदा और खेती पर विचार
भागवत ने कहा कि मंदिर की मजबूत बनावट कई बार प्राकृतिक आपदाओं में सुरक्षित रहती है। उन्होंने कृषि पर भी जोर देते हुए बताया कि पारंपरिक खेती से जमीन 10,000 साल तक सुरक्षित रही, लेकिन रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग से समस्याएं बढ़ीं। उन्होंने कहा कि पंजाब से जयपुर तक ‘कैंसर ट्रेन’ चल रही है।









