
कानपुर। जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज ने प्रदेश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में पहली बार हाइटेक बेरिएट्रिक एवं मेटाबॉलिक सर्जरी — स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी विद सिंगल एनास्टोमोसिस डुओडेनो-जेजुनल बाइपास (SADJ-B) सफलतापूर्वक की। इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
54 वर्षीय महिला मरीज, जो डायबिटीज़, हाईपरटेंशन और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी बीमारियों से पीड़ित थीं और वजन 100 किलो के आसपास था, उन्हें इस जटिल सर्जरी के लिए चुना गया। मरीज गंभीर रूप से व्हीलचेयर पर निर्भर थीं और उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। प्रारंभिक उपचार और जीवनशैली में बदलाव से अपेक्षित लाभ न मिलने पर उन्हें सर्जरी के लिए चयनित किया गया।
लगभग 6 घंटे तक चली इस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद मरीज को 7 दिनों तक आईसीयू में रखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफलता जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज की बेरिएट्रिक एवं मेटाबॉलिक सर्जरी में बढ़ती विशेषज्ञता, उन्नत तकनीक और टीमवर्क को दर्शाती है।
सर्जरी टीम में डीन डॉ. संजय काला, डॉ. आर. के. जौहरी, डॉ. अभिषेक गोंड, डॉ. आलोक यादव, डॉ. सुमित सिंह, डॉ. सुरेश, डॉ. दिशा गुलाटी और डॉ. काफिलुर रहमान शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. पल्लवी और डॉ. करण, नर्सिंग स्टाफ में सुषमा और ज्योति ने सहयोग किया।








