
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार, 31 दिसंबर को कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vi) के लिए बड़ा राहत पैकेज मंजूर किया है। इस फैसले के तहत कंपनी के ₹87,695 करोड़ के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए को फिलहाल ‘फ्रीज’ कर दिया गया है।
भारी राशि का भुगतान अब बाद में
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अब वोडाफोन-आइडिया को यह राशि वित्त वर्ष 2032 से 2041 के बीच 10 साल की अवधि में चुकानी होगी। इस फैसले से कंपनी को अभी तुरंत भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
शेयर मार्केट पर असर
इस खबर के बाद कंपनी का शेयर आज 11.5% गिरकर 10.67 रुपए पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में शेयर 7% और छह महीने में 43% चढ़ा है। एक साल में निवेशकों को इस पर 34% रिटर्न मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 1.17 लाख करोड़ रुपए है।
5 साल का मोरेटोरियम
केंद्रीय कैबिनेट ने वोडाफोन-आइडिया को 5 साल का मोरेटोरियम भी दिया है। इससे नकदी संकट से जूझ रही कंपनी को बड़ी राहत मिली है। कंपनी लंबे समय से सरकार से गुहार लगा रही थी कि उसे बकाया भुगतान के लिए और समय दिया जाए।
AGR क्या है?
AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) वह हिस्सा है जो टेलीकॉम कंपनियों की कमाई पर सरकार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) के रूप में लेती है।








