
अंबेडकर नगर, जलालपुर: जलालपुर तहसील के कटघर कमाल गांव में 13 रजब के मौके पर मौला अली अलैहिस्सलाम की विलादत के उपलक्ष्य में शनिवार को भव्य महफिल और जुलूसे हैदरी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय और जनपद स्तर के शायरों ने मनकबत, कसीदा और क़ता पेश कर महफिल को रौनक बख्शी। महफिल और जुलूस में भारी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया।
शायरों ने मौला अली की शान में पेश की कविताएं
जश्न के दौरान सागर बनारसी ने अपनी प्रस्तुति में कहा— “13 रजब अली से यह बोला खुदा का घर, किबला मुझे तो आपने काबा बना दिया।” वहीं फैयाज बरेलवी ने मनकबत के माध्यम से अकीदत पेश करते हुए कहा— “तुम अपने नाम सितारों की जिंदगी कर लो, अगर अली के गुलामों से दोस्ती कर लो।” दोनों प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने तालियों और ‘हैदर-हैदर’ की गूंज से सराहा।
देर शाम तक महफिल में मेहंदी जलालपुरी, काजिम जार्चवी, फाजिल जरेलवी, खुर्शीद मुजफ्फरनगरी समेत अन्य शायरों ने खिराजे अकीदत पेश की। कार्यक्रम का संचालन अनीस जायसी ने किया।
मौला अली की हयात पर प्रकाश डालते हुए संदेश
महफिल के दौरान मौलाना सुल्तान हुसैन ने मौला अली की हयात और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मौला अली की शिक्षाएं और उनके आदर्श आज के समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उनके जीवन के मूल्यों को अपनाकर ही सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाया जा सकता है।
भव्य जुलूस में उमड़ी भारी भीड़
महफिल के बाद भव्य जुलूस हैदरी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस में मौलाना सैयद तनवीर अब्बास, मौलाना सैयद कम्बर अब्बास, मौलाना सैयद नूरूल हसन, मोलवी तालिब अब्बास, अबुल हसन, नजमुल हसन, मास्टर हुसैन अली, नफीस अब्बास, शमीम हैदर और मोहम्मद एबाद सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।








