
अम्बेडकरनगर। जनपद में उद्यान विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत माइक्रो इरिगेशन योजनाओं का प्रभाव अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने विकासखंड टांडा के ग्राम इब्राहिमपुर में किसानों के प्रक्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च और टिशू कल्चर केले की उन्नत खेती को देखा गया।
एक हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी, छह माह में 20 से 25 लाख की संभावित आय
ग्राम इब्राहिमपुर निवासी किसान चन्द्रेश वर्मा द्वारा एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्ट्रॉबेरी उत्पादन में लगभग चार लाख रुपये की लागत आती है, जबकि फसल से छह माह में 20 से 25 लाख रुपये तक की आय की संभावना है। यह जनपद में एमआईडीएच योजना के अंतर्गत पहली बार शुरू की गई खेती है, जिसने अन्य किसानों का भी ध्यान आकर्षित किया है।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इसी योजना के अंतर्गत जनपद में पहली बार स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा दिया गया है। इस नवाचार को देखते हुए स्ट्रॉबेरी के क्षेत्रफल विस्तार और किसानों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराने के निर्देश दिए गए।
शिमला मिर्च की खेती से छह माह में 3.5 लाख तक की आमदनी
किसान चन्द्रेश वर्मा ने विभागीय प्रोत्साहन से एक एकड़ क्षेत्रफल में शिमला मिर्च की खेती भी शुरू की है। शिमला मिर्च उत्पादन में लगभग 50 हजार रुपये की लागत आती है, जबकि छह माह की फसल से 3 से 3.5 लाख रुपये तक की आमदनी हो रही है। यह फसल भी किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।









