
मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों को तोड़ने और संभल मामले में CJI ट्रांसफर पर हंगामा
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, कई की कपड़े फटे
प्रदर्शनकारी हाथ में संविधान की किताब लेकर पहुंचे, ताले लगी किताब दिखाकर किया विरोध
लखनऊ। हजरतगंज चौराहे पर गुरुवार को समाजवादी छात्र सभा (SSS) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने जोरदार प्रदर्शन किया। मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों को तोड़ने और संभल मामले में CJI के ट्रांसफर को लेकर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। पुलिसकर्मियों ने कई प्रदर्शनकारियों को घसीटकर बस में बैठाया, कुछ को उल्टा टांगकर ले जाया गया, जिससे उनके कपड़े फट गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार को संविधान और सनातन विरोधी बताया और जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने हाथ में संविधान की किताब लेकर पहुंच कर विरोध जताया। किताब पर ताला लगाया गया था। उन्होंने कहा कि CJI के ट्रांसफर को रद्द करना संविधान का अधिकार है, और यह कदम संविधान विरोधी है।
साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए सरकार से माफी मांगने की भी बात कही। इस दौरान उन्होंने “प्रदेश सरकार मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए।
पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और मामला शांत कराया।









