
पिता की शराब और गांजे की लत से परेशान थे दोनों बेटे
हत्या के बाद शव को ई-रिक्शा में रखकर नहर किनारे फेंका गया
पत्नी घटना के समय सो रही थी, हत्या की जानकारी नहीं हुई
लखनऊ। मलिहाबाद के खड़ता गांव में रहने वाले ई-रिक्शा चालक अर्जुन पाल (50) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों के रूप में उनके बड़े बेटे रूप लाल (20) और नाबालिग भाई को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों बेटे अपने पिता की शराब और गांजे की लत से परेशान थे। पिता अक्सर शराब और नशे में घर में मारपीट करते थे। सोमवार शाम को पिता ने शराब के नशे में बड़े बेटे रूप लाल से मारपीट की, जिससे नाराज़ होकर दोनों बेटों ने रात करीब 3:30 बजे योजनाबद्ध तरीके से फावड़े से कनपटी पर वार कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ई-रिक्शा में रखकर नबीनगर नहर पुलिया के पास गड्ढे में फेंक दिया, ताकि हत्या को हादसे का रूप दिया जा सके। घर थोड़े बड़े होने और पत्नी के पीछे के कमरे में सोने की वजह से घटना की जानकारी पत्नी को नहीं हो सकी।
मंगलवार सुबह मृतक का शव नहर पुलिया के पास गड्ढे में मिला। मृतक के भाई मुन्नू लाल ने बताया कि मौके पर शव के ऊपर ई-रिक्शा पड़ा था, चेहरे पर चोट के निशान थे, पास में स्टील की टंकी और खून से सना बिस्तर पड़ा हुआ था।
पुलिस ने हत्या में बेटे की भूमिका को पुष्ट किया है और पत्नी के शामिल न होने की जानकारी दी है। दोनों बेटों ने पूछताछ में पिता की शराब और नशे की आदत के कारण हत्या करने की बात स्वीकार की है।








