
अम्बेडकरनगर। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड निर्माण अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए सोमवार को मेडिकल कॉलेज सदरपुर के प्रेक्षागृह में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी की उपस्थिति में संपन्न हुई। इसमें जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, कोटेदार, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित तिथियों में विशेष आयुष्मान कार्ड कैंप का आयोजन करते हुए पात्र लाभार्थियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष कैंप
जिलाधिकारी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत भवन और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में स्वास्थ्य विभाग के सीएचओ द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे, जिसमें रोजगार सेवक सहयोग करेंगे। कैंप आयोजन को सुव्यवस्थित और समयबद्ध रखने के निर्देश दिए गए।
लाभार्थियों को कैंप तक लाने की जिम्मेदारी तय
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पात्र लाभार्थियों को सूची के अनुसार कैंप स्थल तक लाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, कोटेदार और रोजगार सेवक की होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय सहभागिता के बिना अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता, इसलिए सभी संबंधित कर्मियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।








