
बाराबंकी में वायरल मगरमच्छ की तस्वीर निकली फर्जी
बच्चों को डराने के लिए की गई थी फोटो एडिटिंग
सोशल मीडिया पर बिना जांच फैल गई अफवाह
बाराबंकी। जनपद में सोशल मीडिया पर वायरल हुई मगरमच्छ की तस्वीर फर्जी निकली है। तस्वीर के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और कई समाचार प्लेटफॉर्म्स पर इसे लेकर खबरें भी प्रकाशित हुईं। हालांकि, दैनिक भास्कर की पड़ताल में तस्वीर की सच्चाई सामने आ गई है।
त्रिवेदीगंज विकासखंड के शेखवामऊ गांव निवासी सूरज ने बताया कि उनके मोहल्ले के छोटे बच्चे अक्सर गोमती नदी में नहाने चले जाते थे। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन चिंतित रहते थे, लेकिन समझाने के बावजूद बच्चे नदी जाना नहीं छोड़ रहे थे।
सूरज ने बताया कि बच्चों को डराने के उद्देश्य से उन्होंने इंस्टाग्राम से मगरमच्छ की एक तस्वीर डाउनलोड की और उसे नदी किनारे की फोटो के साथ एडिट कर बच्चों को दिखाया। इसका असर यह हुआ कि बच्चे डर गए और नदी में नहाने जाना कम कर दिया।
हालांकि, यह एडिटेड तस्वीर किसी तरह अशोक द्विवेदी के पास पहुंच गई, जिन्होंने इसे असली समझकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद कई लोगों ने बिना पुष्टि किए इस तस्वीर को साझा किया और कुछ जगहों पर इसे सच मानकर खबरें भी प्रकाशित हो गईं।
तस्वीर वायरल होने के बाद सूरज के पास लगातार फोन आने लगे। उन्होंने लोगों को इसकी सच्चाई बताई, लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर फर्जी फोटो का प्रसार जारी रहा।
इस मामले में वन अधिकारी समित यादव ने बताया कि विभाग को मगरमच्छ देखे जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी जानकारी को बिना पुष्टि के साझा न करें।








