अंबेडकरनगर। जनपद में धान खरीद का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने के बाद सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल की प्रक्रिया एक माह पहले ही बंद कर दी गई। इस निर्णय से उन किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जो टोकन लेकर धान बेचने की उम्मीद में क्रय केंद्रों के चक्कर लगा रहे थे। अनुमान के अनुसार करीब सात हजार किसान अब भी धान बेचने से वंचित रह गए हैं।
1 नवंबर से शुरू हुई थी खरीद प्रक्रिया
जिले में धान खरीद की प्रक्रिया 1 नवंबर 2025 से प्रारंभ हुई थी, जिसे 28 फरवरी 2026 तक चलना था। हालांकि निर्धारित अवधि से पहले ही जिले को आवंटित लक्ष्य से अधिक धान की खरीद हो जाने के कारण गुरुवार को अचानक तौल रोक दी गई। इस वर्ष जनपद को कुल 15 लाख 80 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था।
115 क्रय केंद्रों पर हुई खरीद
लक्ष्य की पूर्ति के लिए जिलेभर में 115 सरकारी क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। इनमें सबसे अधिक 16 क्रय केंद्र नवीन मंडी अकबरपुर में बनाए गए थे। यहां बड़ी संख्या में किसान अपनी ट्रॉलियों के साथ तौल के इंतजार में मौजूद थे। अचानक तौल बंद होने से मंडी परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
पॉश मशीनों ने किया काम बंद
किसानों के अनुसार क्रय केंद्रों पर अचानक पॉश मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। मशीनों की स्क्रीन पर लक्ष्य पूरा होने के कारण खरीद बंद होने का संदेश प्रदर्शित होने लगा। सहकारी संघ जलालपुर सहित कई समितियों पर दोपहर करीब तीन बजे के बाद सन्नाटा पसर गया और तौल पूरी तरह ठप हो गई।








