अंबेडकरनगर। सोमवार को बसखारी और टांडा ब्लॉक में ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति (बीएलबीसी) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) 2026-27 की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 की एसीपी प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने ऋण वितरण की स्थिति, लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि और लंबित मामलों पर बिंदुवार जानकारी साझा की।
बैठक के दौरान विभिन्न सरकारी प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, एग्रीजंक्शन योजना, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि उत्पादन से संबंधित किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, स्वयं सहायता समूहों के लिए कैश क्रेडिट लिमिट, पीएम सूर्यघर योजना और बैंक खाता खोलने की प्रगति प्रमुख रूप से शामिल रही। अधिकारियों ने योजनावार लक्ष्य और उपलब्धि का आकलन किया।
ऋण पात्रों को न रोके जाने के निर्देश
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पात्र लाभार्थियों को किसी भी स्थिति में ऋण से वंचित न रखा जाए। बैंकों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया और कहा गया कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुसार निस्तारण किया जाए, ताकि बैंकिंग व्यवस्था के प्रति विश्वास बना रहे।
आरसी मिलान और समन्वय पर जोर
बैठक में रिकवरी प्रमाण पत्र (आरसी) के मिलान की स्थिति पर चर्चा की गई। राजस्व विभाग और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सहमति बनी, जिससे वसूली से संबंधित मामलों में पारदर्शिता और गति लाई जा सके। अधिकारियों ने कहा कि समन्वय की कमी के कारण कई मामलों में अनावश्यक देरी होती है, जिसे दूर करना आवश्यक है।








