अम्बेडकरनगर। देश के स्वाधीनता आंदोलन में जमीनी स्तर पर अहम भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महावीर नट का योगदान अविस्मरणीय रहा है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रामकुमार पाल ने कही। वह बुधवार को महावीर नट की जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव नैली में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का आयोजन महावीर नट के आश्रितों और वंशजों की ओर से किया गया। जयंती के अवसर पर उनके समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ गुप्त गतिविधियों में सक्रिय रहे महावीर नट
सभा को संबोधित करते हुए रामकुमार पाल ने कहा कि महावीर नट उन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल थे, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने ब्रिटिश सेना की गतिविधियों पर नजर रखकर क्रांतिकारियों तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाईं, जिससे आंदोलन को मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि ऐसे सेनानियों का इतिहास में समुचित उल्लेख न होना दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि उनका योगदान स्वतंत्रता आंदोलन की नींव को मजबूत करने वाला रहा।
कांग्रेस नेताओं ने योगदान को बताया प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के आयोजक शंकर नट, उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्र, ब्लॉक अध्यक्ष अकबरपुर मो जियाउद्दीन अंसारी, मनजीत राजभर, जैसराज गौतम, प्रधान नैली आकाश वर्मा, चंद्रभान राजभर, गुरुदयाल, राम लखन नट, असलम नट और सकंटा वर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि महावीर नट का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।








