अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों के बीच बढ़ते दबाव और तैयारी को सही दिशा देने के उद्देश्य से नृपति नारायण सिंह स्मारक इंटर कॉलेज में ‘परीक्षा पर चर्चा एवं संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर परीक्षा से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया और तैयारी के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।
निरंतर अभ्यास को बताया सफलता की कुंजी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए निरंतर अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे उत्तर लिखने का नियमित अभ्यास करें, ताकि परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन और प्रस्तुतीकरण बेहतर हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लिखकर अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और गलतियों में सुधार होता है।
पिछले प्रश्नपत्रों के अध्ययन पर जोर
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों की प्रकृति और महत्वपूर्ण विषयों की पहचान करने में मदद मिलती है। साथ ही विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सूत्रों, परिभाषाओं और मुख्य बिंदुओं को एक स्थान पर संकलित कर बार-बार दोहराने की बात कही, ताकि अंतिम समय में भ्रम की स्थिति न बने।
सीमित समय में योजनाबद्ध तैयारी आवश्यक
उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा में अब सीमित समय शेष है, ऐसे में बिना योजना के पढ़ाई करना नुकसानदेह हो सकता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे विषयवार समय निर्धारित करें और उसी अनुसार अध्ययन करें। कठिन विषयों को प्राथमिकता दें और जिन टॉपिक में कमजोरी है, उन पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। जिलाधिकारी ने समय प्रबंधन को परीक्षा की तैयारी का अहम हिस्सा बताया।








