
अंबेडकरनगर। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। फरियादियों की ओर से बार-बार की जा रही शिकायतों के बावजूद मामलों का समय पर निस्तारण न होने पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित मामलों के निस्तारण के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने जलालपुर उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक गुरुवार को लंबित शिकायतों, न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों और धारा-24 से संबंधित प्रकरणों का अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आदेशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की शिथिलता पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
गंभीर मामलों में समयबद्ध कार्रवाई पर जोर
संपूर्ण समाधान दिवस में आए गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान तय समय सीमा में होना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार तहसील और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने ऊसर, बंजर, चकमार्ग और अन्य सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि उपजिलाधिकारी या तहसीलदार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर अभियान चलाया जाए। कार्रवाई के दौरान गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
राजस्व और पुलिस विभाग में बढ़ी सक्रियता
जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद राजस्व और पुलिस विभाग में सक्रियता देखी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ी है और लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर तेज़ी आने के संकेत मिल रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि सख्ती से निर्देशों के अनुपालन से जनता को राहत मिलेगी और राजस्व संबंधी विवादों में कमी आएगी।








