
कानपुर। कानपुर के रामादेवी चौराहे स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार देर रात नवजात बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
कैंट के मैकूपुरवा निवासी आशीष निषाद के अनुसार, उनकी पत्नी मुस्कान निषाद ने 28 मार्च को एक बेटी को जन्म दिया था। सोमवार दोपहर बच्ची को अचानक बुखार आया, जिसके बाद उसे रामादेवी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर 20 हजार रुपये भी लिए।
परिवार की सदस्य शिवानी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने खुद इलाज नहीं किया, बल्कि वीडियो कॉल के जरिए निर्देश देते रहे। उनका कहना है कि अस्पताल के सफाईकर्मी और अन्य स्टाफ ही बच्ची का इलाज कर रहे थे।
शाम करीब 7 बजे वीडियो कॉल पर डॉक्टर ने बच्ची की हालत गंभीर बताते हुए उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन परिजनों के मुताबिक अस्पताल प्रशासन टालमटोल करता रहा।
एक अन्य परिजन कंचन निषाद ने आरोप लगाया कि बच्ची की मौत के बाद भी अस्पताल स्टाफ ने इंजेक्शन लगाया और 2 हजार रुपये की दवाइयां मंगाईं। उन्होंने सवाल उठाया कि मौत के बाद इलाज क्यों किया गया और दवाइयों का क्या हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। अजय प्रकाश मिश्र (थाना प्रभारी) ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








