
कानपुर: बिकरू कांड के बाद बदमाशों से प्रतिबंधित असलहा बरामद होने के मामले में एडीजे-27 की कोर्ट ने चार आरोपियों को सजा सुनाई है। बरामद हथियारों का इस्तेमाल कुख्यात विकास दुबे और उसके साथियों द्वारा किया गया था, जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे और 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, संजय, अभिनव, रामजी और शुभम के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर चारों को दोषी करार दिया।
अदालत ने रामजी और संजय को 7-7 साल की सजा सुनाई, जबकि अभिनव और शुभम को ढाई-ढाई साल की सजा दी गई। इसके साथ ही रामजी पर 15 हजार, संजय पर 10 हजार और अभिनव व शुभम पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
बताया गया कि घटना के बाद आरोपी हथियार लेकर पनकी थाना क्षेत्र पहुंचे थे और उन्हें बेचने की फिराक में थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पनकी अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।








