
लखनऊ में कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को Jyotiba Phule (ज्योतिबा फुले) की जयंती मनाई। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel (भूपेश बघेल) भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
भूपेश बघेल ने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया से न तो मुख्यमंत्री Yogi Adityanath (योगी आदित्यनाथ) संतुष्ट हैं और न ही विपक्ष के नेता Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव)। उन्होंने कहा कि जब सरकार में बैठे लोग ही इससे संतुष्ट नहीं हैं, तो विपक्ष की स्थिति अपने आप स्पष्ट हो जाती है।
वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस के रूप में आयोजन
कांग्रेस ने लखनऊ में ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को ‘वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस’ के रूप में मनाया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने फुले के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
महिलाओं की शिक्षा के लिए किया काम
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ज्योतिबा फुले ने महिलाओं की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक काम किया। उन्होंने महिलाओं के लिए स्कूल खोले और समाज में शिक्षा के माध्यम से बदलाव लाने का प्रयास किया।
महात्मा फुले के विचारों को पढ़ने की अपील
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव K. Raju (के. राजू) ने कहा कि जो सोच B. R. Ambedkar (बाबा साहब अंबेडकर) ने देशभर में फैलायी, उसकी नींव महात्मा फुले ने रखी थी।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महात्मा फुले द्वारा लिखी गई पुस्तकों को पढ़ना चाहिए, क्योंकि उनमें समाज को बदलने की शक्ति और विचार मौजूद हैं।
शिक्षा से ही संभव है बदलाव
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि समाज में समानता और न्याय लाने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। महात्मा फुले ने भी शिक्षा को ही सामाजिक परिवर्तन का आधार माना था।









