
- CDSCO जांच में 141 दवाएं गुणवत्ता में फेल
- 46 दवाएं हिमाचल के फार्मा हब में बनी
- कैंसर, हार्ट, शुगर जैसी बीमारियों की दवाएं भी शामिल
नई दिल्ली। देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ताजा जांच में 141 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
जांच में सामने आया है कि फेल हुई दवाओं में से 46 दवाएं हिमाचल प्रदेश के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, कालाअंब, ऊना और सोलन जैसे प्रमुख फार्मा हब में निर्मित की गई थीं। ये क्षेत्र देश में दवा उत्पादन के बड़े केंद्र माने जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें सिर दर्द, पेट दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर और अल्सर जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं।
CDSCO द्वारा जारी मार्च के ड्रग अलर्ट में इन दवाओं को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) घोषित किया गया है। इसके बाद ड्रग कंट्रोलर ने संबंधित दवा कंपनियों को नोटिस जारी कर बाजार से इन दवाओं का स्टॉक तत्काल वापस मंगवाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं मरीजों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। वहीं, नियामक एजेंसियां अब इन मामलों की गहन जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोका जा सके।









