
- 68 वर्ष से अधिक डॉक्टरों के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य
- हर सोमवार को होगा फिटनेस परीक्षण
- नए और पुराने लाइसेंस दोनों पर लागू नियम
अंबेडकरनगर में निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नए नियम लागू किए हैं। अब 68 वर्ष या उससे अधिक आयु के सर्जन, फिजीशियन और एनेस्थेटिस्ट डॉक्टरों को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना होगा। यह प्रमाण पत्र नए लाइसेंस जारी करने और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण दोनों के लिए अनिवार्य किया गया है।
हर सोमवार को होगा स्वास्थ्य परीक्षण
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि इस आयु वर्ग के डॉक्टरों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए हर सोमवार को एक टीम गठित की गई है। यह टीम डॉक्टरों की फिटनेस की जांच करेगी और उसके आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
नए लाइसेंस पर भी लागू होगा नियम
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण तक सीमित नहीं है। नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले अस्पतालों पर भी यही नियम लागू होंगे। बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के संबंधित डॉक्टरों को पैनल में शामिल नहीं किया जा सकेगा।
फर्जी पैनल पर सख्ती, निरीक्षण होंगे कड़े
विभाग ने अस्पतालों द्वारा फर्जी या निष्क्रिय डॉक्टरों को पैनल में दिखाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। अक्सर लाइसेंस के समय डॉक्टरों की सूची दिखाई जाती है, लेकिन बाद में वे अस्पताल में सेवाएं नहीं देते। अब ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य
नए निर्देशों के तहत निरीक्षण के समय पैनल में शामिल डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। यदि निरीक्षण के दौरान डॉक्टर अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।









