
- विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप
- महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
- धर्म आधारित आरक्षण की मांग को बताया असंवैधानिक
अंबेडकरनगर में बुधवार को अकबरपुर के बसखारी मार्ग स्थित सर्किट हाउस में प्रदेश सरकार के मंत्री गिरीशचंद्र यादव ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, संसद में पेश किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विपक्षी दलों की भूमिका को लेकर बयान दिया। कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर क्या कहा गया
मंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पेश किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में अधिक प्रतिनिधित्व देना और उनकी भागीदारी बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में मजबूत स्थिति देने के लिए लाया गया था।
उन्होंने दावा किया कि इस अधिनियम का उद्देश्य आधी आबादी को उनका अधिकार और उचित स्थान दिलाना था। मंत्री के अनुसार, यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया थी, लेकिन विपक्ष के रुख के कारण इसे आगे बढ़ाने में बाधाएं आईं।
विपक्ष पर लगाए गए राजनीतिक आरोप
पत्रकार वार्ता के दौरान मंत्री ने विपक्षी दलों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस अधिनियम को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, विपक्ष का रुख सकारात्मक नहीं रहा और इस वजह से कानून प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मंत्री ने कहा कि विपक्ष का आचरण महिलाओं ने भी देखा है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक जवाब वोट के माध्यम से मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब राजनीतिक मुद्दों को लेकर अधिक जागरूक है।









