लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां मिलावटी खाद्य तेल और वसा के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। Food Safety and Drug Administration Uttar Pradesh के विशेष अभियान के तहत 14 कंपनियों के उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
खाद्य तेल मिलावट मामला: यूपी में बड़ी कार्रवाई
जांच के दौरान 58 सचल दलों ने कुल 210 नमूने एकत्र किए, जिनमें से 206 नमूने खाद्य तेल और वसा के थे। परीक्षण में कई उत्पाद असुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। कुछ नमूनों में लेड की अधिक मात्रा पाई गई, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
मिलावट और गलत लेबलिंग से बढ़ा खतरा
जांच में यह भी सामने आया कि कई कंपनियां एक से अधिक तेलों को मिलाकर बेच रही थीं, जबकि कुछ उत्पादों में फोर्टिफिकेशन के नाम पर विटामिन की मात्रा बेहद कम थी। इससे उपभोक्ताओं को धोखा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा था।
कई जिलों में सामने आई गड़बड़ी
Uttar Pradesh के लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, आगरा, मेरठ, हाथरस, हापुड़ और गोरखपुर जैसे जिलों में उत्पादों में खामियां पाई गईं। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित कंपनियों के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी।
सरकार का सख्त रुख
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रतिबंधित कंपनियों में मस्टर्ड ऑयल, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, पामोलीन ऑयल और राइस ब्रान ऑयल बनाने वाली कई फर्में शामिल हैं।
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल प्रमाणित ब्रांड के उत्पाद ही खरीदें और संदिग्ध गुणवत्ता वाले तेलों से बचें। प्रशासन ने भी कहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों पर और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।









