
जनपद में प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए 332 पुरुष और 81 महिला रिक्रूट आरक्षियों का आगमन हुआ था। एक माह के बाद 81 महिला आरक्षियों को आगे के प्रशिक्षण के लिए पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय गोरखपुर भेजा गया।
21 जुलाई 2025 से शुरू हुए 9 माह के प्रशिक्षण में कुल 380 रिक्रूट शामिल हुए। इनमें 48 बाराबंकी और 332 अम्बेडकरनगर के थे। प्रशिक्षण के दौरान 15 आरक्षियों ने अन्य विभाग में चयन होने पर त्यागपत्र दिया, जबकि 3 परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इस तरह 362 आरक्षियों ने प्रशिक्षण पूरा किया।
जनपद को मिलेंगे 403 नए आरक्षी
दीक्षांत परेड के बाद जनपद को 324 पुरुष और 79 महिला आरक्षी मिलेंगे। ये सभी जल्द ही फील्ड पुलिसिंग में तैनात किए जाएंगे।
मुख्य अतिथि ने दी जिम्मेदारी निभाने की सीख
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि पुलिस सेवा में कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नवदीक्षित आरक्षियों को कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।
एसपी प्राची सिंह का बयान
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और न्याय से जुड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि हर आरक्षी को निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। वर्दी विश्वास और सेवा का प्रतीक है, इसे सम्मान के साथ निभाना जरूरी है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे अधिकारी और परिजन
समारोह में जिलाधिकारी ईशा प्रिया, अपर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक तेजबीर सिंह समेत अन्य अधिकारी, प्रशिक्षक, मीडिया प्रतिनिधि और रिक्रूट आरक्षियों के परिजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय दीक्षांत परेड का सजीव प्रसारण भी देखा गया।









