भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और जांच में देरी, उठे सवाल

घूसखोरी के मामलों में गिरफ्तारी, लंबित जांचों पर निगरानी की मांग

  • घूस लेते कई कर्मचारी पकड़े गए, कई केस दर्ज
  • स्वास्थ्य और पंचायत विभागों में भी अनियमितता के आरोप
  • कुछ प्रमुख मामलों में जांच अब भी लंबित
  • पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

अंबेडकरनगर। जनपद में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ जांच की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाल के महीनों में एंटी करप्शन टीम और पुलिस ने कई मामलों में कार्रवाई की, लेकिन कुछ प्रकरणों में जांच लंबित रहने से स्थिति पर चर्चा बनी हुई है।

घूसखोरी के मामलों में कार्रवाई
मार्च 2026 में जलालपुर नगर पालिका के एक लिपिक को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से जुड़े कार्य में 5000 रुपये लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा था। इससे पहले भी लेखपाल, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। जिला पंचायत में निर्माण कार्यों में अनियमितताओं को लेकर भी शिकायतें सामने आईं।
अन्य विभागों में भी आरोप
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रकरणों में भी आरोप लगे हैं। अस्पताल से संबंधित कार्यों में अनियमितता की शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंचीं। कुछ ग्राम पंचायतों और निकायों में भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कुछ मामलों में जांच टीमों के साथ अभद्रता की शिकायतें भी दर्ज की गईं।
लंबित जांचों पर सवाल
कटेहरी विकासखंड के प्रतापपुर चमुर्खा और भियांव के आशापार से जुड़े मामलों में जांच लंबित बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर शिकायतें हैं कि जांच प्रक्रिया में समय लग रहा है। इससे मामलों के निस्तारण में देरी हो रही है।

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