उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच संत समाज भी सक्रिय होता नजर आ रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने घोषणा की है कि 3 मई से गोरखपुर से गौरक्षा यात्रा की शुरुआत होगी, जो 24 जुलाई को लखनऊ में समाप्त होगी।
403 सीटों तक पहुंचेगा संदेश
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि यह यात्रा प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाताओं को गौमाता की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
राजनीतिक समर्थन पर शर्त
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी राजनीतिक दल गौरक्षा के मुद्दे पर उनके पास आएगा, संत समाज उसका समर्थन करेगा। यदि कोई दल इस विषय को प्राथमिकता नहीं देता, तो गौरक्षक खुद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
योगी सरकार पर सवाल
स्वामी ने योगी आदित्यनाथ के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जहां अन्य राज्यों में गायों की संख्या बढ़ने की बात कही जा रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में इसमें गिरावट चिंताजनक है।
‘गौरक्षा बनेगा चुनावी मुद्दा’
उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में गौरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। संत समाज मतदाताओं को इस विषय पर जागरूक करेगा और राजनीतिक दलों पर दबाव बनाएगा।
संत समाज की सक्रियता बढ़ी
इस घोषणा के साथ ही साफ हो गया है कि आगामी चुनाव में धार्मिक और सामाजिक मुद्दे भी प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। संतों की यह पहल प्रदेश की राजनीति में नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।









