
लखनऊ। लखनऊ में 31 दिसंबर को नशे के खिलाफ जोरदार जागरूकता मार्च निकाला गया। शहीद स्मारक से हजरतगंज गांधी प्रतिमा तक पैदल मार्च में लगभग 2 हजार लोग शामिल हुए। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि हर साल 20 हजार लोग नशे के कारण अपनी जान गंवा देते हैं और युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए।
इस नशा मुक्ति यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जिन्होंने ‘नशा नाश की जड़ है, युवाओं नशे से दूर रहो’ जैसे नारे लगाकर जागरूकता फैलाई। युवाओं ने भी इनके साथ कदमताल किया।
कौशल किशोर ने बताया कि नशे के कारण युवा तेजी से प्रभावित हो रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत देश में ड्रग्स की स्मगलिंग हो रही है। उन्होंने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि 2020 में शराब के कारण उनके बेटे की मौत हुई, जिसके बाद वे जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 2047 तक भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जागरूकता अभियानों का उद्देश्य युवाओं को नशे के खतरों से बचाना और उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना है।









