
अम्बेडकर नगर में बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित किया गया। जिला मुख्यालय स्थित लोहिया भवन में कार्यक्रम के बाद महिलाओं ने पद मार्च निकाला। रैली लोहिया भवन से कलेक्ट्रेट गेट तक गई। इस दौरान नारेबाजी की गई और विपक्ष के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को नीति निर्धारण की प्रक्रिया में भागीदारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने का प्रयास है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में मजबूत करना है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़े।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल महिलाओं को नीति निर्धारण और नेतृत्व में स्थान देने से जुड़ी है।सम्मेलन में कहा गया कि यह कानून महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से लाया गया था।
विपक्ष पर उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि संसद में इस विधेयक को लागू करने को लेकर विपक्ष का रुख स्पष्ट नहीं रहा। इस पर नाराजगी जताते हुए महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी ने कहा कि महिलाओं के अधिकार और सम्मान को मजबूत करने के लिए यह अधिनियम जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगठन महिलाओं के हितों के लिए काम करता रहेगा।









