
मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब Digvijaya Singh और Mohan Yadav की मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। राज्यसभा चुनाव के माहौल में इस बैठक ने कई राजनीतिक कयासों को जन्म दे दिया।
गेहूं उपार्जन पर हुई अहम चर्चा
हालांकि इस मुलाकात को लेकर खुद दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह बैठक किसानों के मुद्दों को लेकर हुई थी। उन्होंने प्रदेश में गेहूं उपार्जन से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। इस दौरान किसानों को आ रही दिक्कतों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से बातचीत हुई।
सरकार ने दिए आंकड़े और भरोसा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य में अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उपार्जन प्रक्रिया की खुद निगरानी कर रहे हैं।
धार्मिक आयोजन का भी दिया न्योता
मुलाकात के दौरान दिग्विजय सिंह ने राघोगढ़ में होने वाले श्रीराम यज्ञ के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित भी किया। यह आयोजन 18 से 28 मई के बीच आयोजित किया जाएगा, जिसे लेकर क्षेत्र में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
चुनावी माहौल में बढ़े सियासी कयास
राज्यसभा चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि दिग्विजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह इस बार राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन राजनीति में सक्रिय बने रहेंगे।
क्या हैं इस मुलाकात के मायने
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की मुलाकातें राजनीतिक संवाद और मुद्दों के समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत देती हैं। हालांकि चुनावी माहौल में इसे अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।









