
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने SIR प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे नागरिकता से जोड़ने पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह केवल मतदान का मुद्दा नहीं बल्कि नागरिक अधिकारों से जुड़ा संवेदनशील विषय है।
ममता और स्टालिन का जिक्र
ओवैसी ने अपने बयान में Mamata Banerjee और M. K. Stalin के निर्वाचन क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां SIR प्रक्रिया लागू की गई और दोनों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को उन्होंने संसद में भी उठाया था।
नागरिकता से जोड़ना गलत
ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि SIR को नागरिकता से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया केवल वोट डालने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि इससे नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
तेलंगाना सरकार को संदेश
उन्होंने उम्मीद जताई कि Telangana सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगी।
राजनीतिक बहस तेज
ओवैसी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि यह मुद्दा आने वाले चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है और नागरिकता से जुड़े सवालों पर बहस को और तेज करेगा।









