
SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
ममता बनर्जी खुद कोर्ट में हुईं पेश
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) मामले को लेकर अहम सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वकीलों के साथ कोर्ट में मौजूद रहीं और अपनी दलीलें पेश कीं।
ममता बनर्जी ने सुनवाई के दौरान आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को चुनाव आयोग निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि जो काम दो साल में होना था, उसे जबरन तीन महीने में पूरा करवाया जा रहा है। इससे राज्य में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि चुनावी सूची में केवल असली और योग्य मतदाताओं का नाम ही बना रहना चाहिए। कोर्ट ने ममता बनर्जी की याचिका पर चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है।
ऐतिहासिक मौका
यह सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहला मौका माना जा रहा है, जब किसी राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री खुद कोर्ट में पेश होकर अपनी बात रखी। आमतौर पर ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री के वकील या कानूनी सलाहकार ही अदालत में पक्ष रखते हैं।
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
ममता बनर्जी ने कहा कि इतनी कम समय सीमा में SIR प्रक्रिया पूरी कराना व्यावहारिक नहीं है और इससे कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
आगे की कार्रवाई
अब चुनाव आयोग और राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को 9 फरवरी तक अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।









