
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया, जिसके तहत प्रदेश के करीब 16 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले 5 मई से 31 मई के बीच किए जाएंगे।
किन पर पड़ेगा असर?
नई नीति के अनुसार, जो कर्मचारी जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं, वे ट्रांसफर की जद में आएंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुल स्वीकृत पदों के मुकाबले अधिकतम 20% कर्मचारियों का ही तबादला किया जाएगा।
दंपति और दिव्यांग कर्मचारियों को राहत
नीति में सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को एक ही स्थान पर तैनाती देने का प्रावधान रखा गया है। वहीं दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों को तबादले में विशेष राहत दी जाएगी।
29 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसकी जानकारी सुरेश खन्ना ने दी।
अब ई-सम्मन से तेज होगा न्याय
सरकार ने न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए ई-सम्मन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब कोर्ट के समन ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए भेजे जा सकेंगे, जिन्हें वैध माना जाएगा।
इससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
किसानों को बड़ा फायदा: बढ़ा मुआवजा
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि अब किसानों को खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों और टावरों के लिए ज्यादा मुआवजा मिलेगा।
- टावर के आसपास 1 मीटर क्षेत्र की जमीन का दोगुना सर्किल रेट
- विद्युत लाइन गुजरने पर जमीन की कीमत का 30% तक मुआवजा
इस फैसले से किसानों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान होगा।









