
Meerut में आतंकवाद निरोधी दस्ता द्वारा गिरफ्तार किए गए युवक तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि तुषार के दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और Azad Hind Fauj के सक्रिय सिपाही रहे थे, जिसका नेतृत्व Subhas Chandra Bose ने किया था। इतना ही नहीं, पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi द्वारा उनके दादा को सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र भी दिया गया था।
तुषार के पिता शैलेंद्र चौहान ने बेटे पर लगे आरोपों को मानने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह विश्वास नहीं कर सकते कि उनका बेटा देश के खिलाफ काम कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोप साबित होते हैं तो वह खुद उसे सजा देंगे।
पिता ने यह भी दावा किया कि तुषार बचपन से ही ध्यान अभाव अति सक्रियता विकार से पीड़ित है और वह अपने दैनिक कार्य भी ठीक से नहीं कर पाता।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को आतंकवाद निरोधी दस्ता ने Noida से तुषार और उसके सहयोगी समीर खान को गिरफ्तार किया था। तुषार मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र का निवासी है। फिलहाल एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं।









