महाराष्ट्र : व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। कीमतों में करीब 993 रुपये तक की वृद्धि के बाद अब घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल और कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है। छोटे कारोबारियों और होटल संचालकों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।
इस मुद्दे को लेकर Grahak Dakshata Kalyan Foundation ने जिला प्रशासन और पेट्रोलियम मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संस्था का कहना है कि केवल कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि पूरी सप्लाई व्यवस्था में डिजिटल मॉनिटरिंग लागू करनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतों में बड़ा अंतर होने के कारण कई लोग सस्ते घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे एक तरफ सरकार को राजस्व नुकसान होगा, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की कृत्रिम कमी का सामना करना पड़ सकता है।
फाउंडेशन ने प्रशासन से संयुक्त उड़न दस्ते बनाने की मांग की है, जिसमें राजस्व, आपूर्ति और पुलिस विभाग की टीमें शामिल हों। संस्था का सुझाव है कि बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में नियमित जांच अभियान चलाया जाए।
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन सोलके ने कहा कि इतनी बड़ी मूल्य वृद्धि चिंताजनक है। उनके अनुसार, सरकार को दरों का पुनर्विचार करना चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।
संस्था ने हर गैस सिलेंडर की डिजिटल ट्रैकिंग लागू करने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने की भी मांग की है।









