
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि अमेरिका द्वारा “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” समाप्त करने की घोषणा के बाद क्षेत्र में हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारतीय शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय बनाए रखा गया है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस समय होर्मुज स्ट्रेट में 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं। इनमें तीन बड़े ऑयल टैंकर और एक एलपीजी टैंकर भी शामिल है।
शिपिंग मंत्रालय के डायरेक्टर ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में 11 कार्गो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं। वहीं एलपीजी टैंकर “सर्व शक्ति” के 8 मई तक मंगलौर पहुंचने की संभावना है।
अधिकारियों के मुताबिक, Strait of Hormuz में मौजूद सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
इस बीच Reliance Industries समेत कई ऊर्जा कंपनियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार समीक्षा कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और शिपिंग सेक्टर पर सीधा असर डाल सकता है।









